Friday, January 23, 2026
news update
Madhya Pradesh

वर्ल्ड वाटर डे पर वीआईटी भोपाल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर और एंटीक आर्केड क्लब द्वारा जागरूकता पदयात्रा का आयोजन

भोपाल
वीआईटी भोपाल के स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर और एंटीक आर्केड क्लब द्वारा वन विहार के सहयोग से विश्व जल दिवस के अवसर पर अपर लेक पर जागरूकता पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वीआईटी भोपाल, MANIT, RGPV के छात्रों के साथ मध्य प्रदेश राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (State Disaster Emergency Response Force – SDERF) और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर डॉ. शीतल शर्मा, डीन और प्रोफेसर, वीआईटी भोपाल, टाउन प्लानर और रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स (RIBA), लंदन की सदस्य, ने छात्रों को राजा भोज द्वारा बनाए गए मानव निर्मित अपर लेक की ऐतिहासिक योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को अपर लेक का पुराना नक्शा दिखाकर उसकी तकनीकी, भूवैज्ञानिक और जलवैज्ञानिक विशेषताओं को समझाया। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि लेक में जल प्रवाहित करने वाली धाराओं की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है, जिससे जल निकाय पर संकट गहराता जा रहा है।

इसके बाद, छात्रों ने स्थानीय लोगों और बीएमसी गोताखोरों से बातचीत कर यह जाना कि सीहोर और अन्य जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाली गाद और तलछट कैसे झील की सेहत को प्रभावित कर रही है। डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि तलछट जमने के कारण अपर लेक की गहराई धीरे-धीरे कम हो रही है। लोग यह सोचते हैं कि हर मानसून में झील भर जाती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इसकी गहराई घटने से इसकी जल संग्रहण क्षमता भी समय के साथ कम होती जा रही है।
इसके उपरांत, छात्र वन विहार पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवासों के बारे में सीखा। आर्किटेक्चर विभाग के छात्र जल्द ही इन वन्यजीवों के लिए स्थानीय शैली पर आधारित आवास डिज़ाइन प्रोजेक्ट पर कार्य करेंगे।
डॉ. शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि वीआईटी भोपाल का स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर हर साल इस तरह की हेरिटेज वॉक और जागरूकता पदयात्रा आयोजित करता है ताकि भोपाल के प्राकृतिक वनस्पति और जीव-जंतुओं का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

error: Content is protected !!