Madhya Pradesh

सेंट्रल जेल में बंद कमरे में सौरभ शर्मा से पूछताछ, इनकम टैक्स विभाग को अहम सुराग मिले

भोपाल
 काली कमाई और 52 किलो सोने के मामले में सौरभ शर्मा से पूछताछ के लिए दूसरे दिन भी आयकर विभाग की टीम भोपाल सेंट्रल जेल पहुंची। जहां बंद कमरे में सौरभ शर्मा से पूछताछ की गई। इस दौरान इनकम टैक्स विभाग को अहम सुराग मिले है।

 लगातार दूसरे दिन भी आयकर विभाग की टीम भोपाल केंद्रीय जेल पहुंची। जहां आईटी की टीम ने सौरभ शर्मा से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान आयकर विभाग को सौरभ और चेतन के बीच हुए लेनदेन के पुख्ता प्रमाण मिले है। फिलहाल IT टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। 24 फरवरी  को भी सौरभ शर्मा से पूछताछ करने इनकम टैक्स की टीम सेंट्रल जेल पहुंची थी। जहां उससे 5 घंटे तक पूछताछ की गई थी। जिसमें सौरभ शर्मा से 52 किलो सोने और 11 करोड़ रुपये की नकदी से भरी इनोवा कार के बारे में सवाल किए गए। सौरभ ने इन संपत्तियों से अपना कोई संबंध होने से इनकार किया। हालांकि चेतन सिंह गौर पहले ही आईटी को दिए बयान में कार में भरा कैश और सोना सौरभ का होने का दावा कर चुका है।

सौरभ शर्मा 28 जनवरी को कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था, लेकिन आवेदन के बाद अदालत ने जांच एजेंसी से डायरी मंगवाई थी। जिसके बाद उसे अगले दिन आने के लिए कहा, वकील के मुताबिक, सुबह 11 बजे जैसे ही सौरभ कोर्ट जा रहा था। लोकायुक्त ने उसे बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया और लोकायुक्त ऑफिस ले गई. जहां उससे 5 घंटे तक पूछताछ की गई.। उसकी निशानदेही पर उसके साथी चेतन गौर को भी हिरासत में लिया गया।

18 दिसंबर को लोकायुक्त का छापा, IT ने बरामद किया था सोना और कैश

गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं 19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे।

52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच

कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई।

27 दिसंबर को ED ने कई ठिकानों पर मारा छापा, 6 करोड़ से अधिक की FD बरामद

27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। वहीं सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया।