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Wednesday, March 11, 2026
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RaipurState News

धड़ल्ले से हो रहा अवैध रेत उत्खनन, कभी भी गिर सकता है करोड़ों की लागत से बना पुल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

जिले में अवैध रेत उत्खनन कर नदियों को चीरते हुए रोजाना हजारों ट्रिप खुलेआम रेत निकाली जा रही है, जिससे शासन को लाखों और करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है. इसके साथ ही लगातार रेत उत्खनन होने के कारण करोड़ों की लागत से बने पुल के गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है, जिससे बड़ी जान-माल की हानि हो सकती है.

बता दें कि जिले के कोलेबिरा से सिलपहरी मार्ग पर सोन नदी और खुज्जी नदी पर रात-दिन सैंकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों में रेत भर भरकर इन नदियों को रेत माफियाओं ने छलनी तो कर ही दिया है. साथ ही इस मार्ग पर लगभग 5 करोड़ की लागत से बना पुल (ब्रिज), जिसे आवागमन के लिए साल भर पहले ही चालू किया गया था, इसका पिलर क्षतिग्रस्त होने की संभावना है. पुल के आसपास यदि रेत उत्खनन नहीं रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. रेत माफियाओं ने पुल के पिलर के चारों तरफ रेत और मिट्टी निकाल लेने के कारण पुल के फाउंडेशन को कमजोर होने से गिर भी सकता है.

यहां के स्थानीय निवासियों द्वारा इस मामले की शिकायत जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी को भी की गई है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि ग्राम कोलबिरा में 2 पुल हैं, जिसमें प्रतिदिन कई व्यक्तियों द्वारा रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है, जिससे पुल गिरने की कगार में है. रेत के उत्खनन से पुल के आसपास बहुत गहराई हो चुकी है, जिसमें गिरकर किसी की भी जान जा सकती है. कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई करने की शिकायत की गई है. शिकायत पहले भी की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और खनिज विभाग चैन की नींद सोया हुआ है.

कार्यालय लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग ने भी कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया है कि कोलबिरा सिलपहरी मार्ग पर सोन नदी और खुज्जी नदी पर बने ब्रिज का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी इंजीनियर के द्वारा किया गया था, जिसमें पाया गया कि पुल UPSTREAM और DOWNSTREAM से 100 मीटर की दूरी पर रेत उत्खनन होना पाया गया है, जिससे पुल की नींव क्षतिग्रस्त हो रही है. पुल के 300 मीटर तक के दायरे में रेत उत्खनन को तत्काल बंद करने के लिए कलेक्टर को कार्रवाई करने की बात कही गई है.