Saturday, January 24, 2026
news update
Madhya Pradesh

डीएवीवी का बड़ा फैसला, डिग्री और दस्तावेजों में अब ‘इंडिया’ नहीं, ‘भारत’ लिखा जाएगा

 इंदौर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने अपने सभी आधिकारिक दस्तावेजों में इंडिया शब्द का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है। इसके स्थान पर भारत शब्द का उल्लेख किया जाएगा। यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में लिया गया।
जल्द ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी

कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई के अनुसार एक राष्ट्र-एक नाम भारत की अवधारणा के तहत कदम उठाया गया है। जल्द ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी। डिग्री-अंकसूची-ट्रांसक्रिप्ट में भारत शब्द लिखा जाएगा।

कुलगुरु डा. सिंघई के अनुसार इस निर्णय के बाद देश और विदेश में सभी पत्राचार और दैनिक कार्यों में 'भारत' का ही उपयोग होगा। उन्होंने यह भी कहा कि डीएवीवी संभवत: देश का पहला विश्वविद्यालय है, जिसने इस तरह का प्रस्ताव पारित किया है।
अंग्रेजों ने बदल दिया था नाम

उन्होंने बताया कि भारत का नाम प्राचीन काल से ही 'भारत' रहा है, और अंग्रेजों ने इसे 'इंडिया' नाम दिया था। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश के मूल नाम 'भारत' का ही उपयोग करना चाहिए। बता दें, यह विश्वविद्यालय राज्य सरकार द्वारा 1964 में स्थापित किया गया था।

सभी जगह लिखा जाएगा ‘भारत’
डीएवीवी के कुलपति सिंघई ने बताया, "कार्यकारी परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि विश्वविद्यालय अपने सभी दस्तावेजों, डिग्रियों, मार्कशीट, देश और विदेश में पत्राचार और रोजमर्रा के कामकाज में केवल "भारत" का उपयोग करेगा."उन्होंने कहा कि उनका विश्वविद्यालय इस तरह का प्रस्ताव पारित करने वाला संभवत: देश का पहला विश्वविद्यालय है.

विजिटिंग कार्ड पर भी हो रहा भारत शब्द का इस्तेमाल
1964 में राज्य सरकार द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय के वीसी ने कहा, 'हमारे देश को प्राचीन काल से भारत कहा जाता है.' सिंघई ने कहा, "देश को इंडिया नाम अंग्रेजों ने अपनी सुविधा के अनुसार दिया था. हमें अपने देश का मूल नाम भारत हर जगह इस्तेमाल करना चाहिए. वीसी ने कहा कि वह लंबे समय से अपने विजिटिंग कार्ड पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों में देश के नाम के रूप में "भारत" का उपयोग कर रहे हैं.

error: Content is protected !!