Google Analytics Meta Pixel
Wednesday, March 11, 2026
news update
RaipurState News

किसके द्वारा और किसे लाभ पहुंचाने के लिए ई कुबेर लागू किया गया? जवाब जान कर हैरान हो जाएंगे आप

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

विगत दिनों 19 सितम्बर 2024 को पत्रकार मनीराम सोनी के द्वारा समाचार पत्र में प्रकाशित करने हेतु सूचना के अधिकार के माध्यम से ई कुबेर से संबंधित जानकारी मांगी गई थी क्योंकि जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य का लगभग 60% हिस्सा आदिवासी बाहुल क्षेत्र है जहां आज भी सरगुजा संभाग के क्षेत्र अंतर्गत कुछ भू-भाग मे सड़क, बिजली, पानी और नेटवर्क अभाव होने के कारण पूरी तरह से ऑनलाइन नेटवर्क सिस्टम कार्य नहीं करता ऐसे मे कुछ विभागों में कार्य कर रहे मजदूरों को अपनी  दैनिक मजदूरी प्राप्त करने के लिए बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इन समस्याओं को देखते हुए जानकारी प्राप्त करने के लिए रिचा शर्मा मुख्य सचिव वन जलवायु परिवर्तन विभाग महानदी भवन नया रायपुर अटल नगर छत्तीसगढ़ से यह जानकारी चाही गई थी की सरगुजा संभाग के क्षेत्र अंतर्गत समस्त जिले व जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही अनुसूचित क्षेत्रों में ई कुबेर लागू करने की अनुमति राज्य के प्रशासक द्वारा इनको अनुमति कब प्रदान की गई पारित अधिसूचना की  संवैधानिक छाया प्रति चाही गई थी।

छत्तीसगढ़ शासन वन एवं  जलवायु परिवर्तन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर अटल नगर रायपुर 27 सितम्बर 2024 को पत्र प्रेषित कर जन सूचना अधिकारी कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरण्य भवन सेक्टर 19 अटल नगर रायपुर छत्तीसगढ़ पत्र में यह उल्लेख किया गया की उपरोक्त जानकारी सीधे आवेदक को तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराते हुए इस कार्यालय को भी अवगत कराये परन्तु तदोपरांत कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरण्य भवन सेक्टर 19 अटल नगर रायपुर (शाखा-सूचना) द्वारा पत्र प्रेषित कर 11 नवंबर 2024 को  छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर अटल नगर जिला-रायपुर छत्तीसगढ़ पत्र क्रमांक 1326 /163 /e kuber/सम/ ब – 4/चार 15 अप्रेल 2024 को पत्र प्रेषित कर आवेदक को गोल-मोल जानकारी उपलब्ध कराई गई परंतु अनुसूचित क्षेत्र मे ई कुबेर लागू होने अधिसूचना की  छत्तीसगढ़ राज्य के प्रशासक द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों में प्रस्ताव पारित कर अनुमति प्रदान कर कब लागू की गई इसकी संवैधानिक जानकारी   संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी ऑफिसरों द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

बहरहाल अब देखना यह है कि अनुसूचित क्षेत्र के प्रशासक द्वारा क्या जानकारी दी जाती है या दिलाई जाती है, यें तो आने वाला वक़्त ही बेहतर बता सकता..?