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भोपाल
जनजातीय संग्रहालय, भोपाल द्वारा प्रदेश के जनजातीय चित्रकारों को चित्र प्रदर्शनी और चित्रों की बिक्री के लिये सार्थक मंच उपलब्ध कराने के दृष्टिगत हर माह 'लिखन्दरा प्रदर्शनी दीर्घा' में किसी एक जनजातीय चित्रकार की प्रदर्शनी सह विक्रय का आयोजन ‘शलाका’ नाम से किया जाता है।

इसी अनुक्रम में शनिवार, तीन अगस्त से गोण्ड समुदाय की चित्रकार सुश्री सुनैना तेकाम के चित्रों की प्रदर्शनी सह विक्रय का आयोजन किया जा रहा है। 52वीं शलाका चित्र प्रदर्शनी तीन अगस्त से प्रारंभ होकर 30 अगस्त (मंगलवार से रविवार) तक निरंतर जारी रहेगी। गोण्ड जनजाति की युवा चित्रकार सुनैना तेकाम का जन्म मध्यप्रदेश के जनजातीय बहुल डिण्डौरी जिले के तीतराही गाँव में हुआ था। जंगल-पहाड़ों से घिरे वातावरण और प्रकृति के सानिध्य में उनका बचपन गुजरा। ऐसे परिवेश में उन्होंने चित्रकारी सीखकर अपना मुकाम हासिल किया है।