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दमोह

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा वार्ड क्रमांक 11 निवासी नितिन साहू की इलेक्ट्रिक स्कूटी में चार्जिंग के दौरान आग लगने से वह जलकर खाक हो गई। गनीमत रही कि स्कूटी घर के बाहर चार्ज में लगी थी, जिससे घर में आगजनी की घटना नहीं हो पाई। नहीं तो बहुत बड़ी घटना भी हो सकती थी। स्कूटी 10 सितंबर 2022 को खरीदी गई थी। पीड़ित ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

नितिन ने बताया कि वह स्कूटी चार्ज में लगाकर सो गए। कुछ देर बाद उनके पड़ोसी मन्नू विश्वकर्मा ने स्कूटी से आग की लपटें उठते देखीं तो घर के लोगों को जानकारी दी। जब तक आग को बुझाया गया, वह जलकर खाक हो गई थी। गनीमत यह रही कि मेरे द्वारा स्कूटी घर के बाहर चार्ज में लगाई जाती थी, जिससे अन्य किसी प्रकार का नुकसान नहीं हो सका और घर का अन्य सामान जलने से बच गया।

आग लगने का कारण तो अज्ञात है, लेकिन पीड़ित ने बताया कि वह तो लोगों से यही कहेंगे कि इलेक्ट्रिक स्कूटी न खरीदें। क्योंकि इसमें आग लगने का खतरा हमेशा बना रहेगा। उनकी स्कूटी भी जलकर खाक हो गई। पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। इलेक्ट्रिक स्कूटी और सोलर सिस्टम का काम देखने वाले अजय विश्वकर्मा का कहना है कि स्कूटी की बैटरी के अंदर का तापमान एक रासायनिक प्रतिक्रिया से काफी अधिक बढ़ जाता है और बदले में अधिक गर्मी पैदा करता है, जिससे आग लग जाती है।

उनका कहना है कि जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर लोकप्रिय होते जा रहे हैं, उनमें सावधानी बरतनी भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि यदि इन वाहनों में उपयोग की जाने वाली लिथियम-आयन बैटरी ज्यादा गर्म हो सकती है, इसमें आग लग सकती है और विस्फोट भी हो सकता है।