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Tuesday, March 10, 2026
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Madhya Pradesh

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से प्रदेश के पीएमश्री स्कूल के 6 विद्यार्थियों को मिला संवाद का मौका

भोपाल
केन्द्र सरकार की पीएमश्री योजना के अंतर्गत संचालित पीएमश्री स्कूलों के 6 विद्यार्थियों को नई दिल्ली भ्रमण के दौरान केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान से परस्पर संवाद करने का मौका मिला। संवाद में इन विद्यार्थियों ने पीएमश्री स्कूल की गतिविधियों और इसमें अध्यापन व्यवस्था की जानकारी दी। पीएमश्री स्कूल के 6 छात्र पिछले दिनों 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिये नई दिल्ली गये थे। जिन छात्रों को यह अवसर मिला, उनमें भोपाल की महक, पन्ना के उमेश, सीधी के अमन, बैतूल की प्रणाली, जबलपुर की नितिशा और खंडवा की पारुल शामिल हैं। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के 100 विद्यार्थी नई दिल्ली पहुंचे थे।

प्रदेश में इन विद्यार्थियों का चयन प्रेरणा उत्सव, कला उत्सव, इंस्पायर अवार्ड, एनएमएमएस और कुश्ती गतिविधियों में उनके बेहतर प्रदर्शन के आधार पर किया गया था। चयनित छात्रों ने भ्रमण केदौरान नई दिल्ली में इंडिया गेट और प्रधानमंत्री संग्रहालय का भ्रमण भी किया। इस एक्सपोजर विजिट के दौरान छात्रों को बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर मनाये जाने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखना इनके जीवन का एक अनूठा अवसर था। ऐसे कार्यक्रम अन्य छात्रों को भी उत्कृष्टता प्राप्त करने तथा ऐसे अनुभव पाने के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

प्रदेश में पीएमश्री योजना

पीएमश्री योजना केन्द्र एवं राज्य के सहयोग से स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर सुधार और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की महत्वाकांक्षी योजना है। योजना को सितम्बर 2022 में शुरू किया गया। योजना की वित्तीय व्यवस्था 60 प्रतिशत केन्द्रांश और 40 प्रतिशत राज्यांश की है। योजना में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड से 2 हाई स्कूल और हायर सेकण्ड्री अथवा माध्यमिक, प्रायमरी विद्यालयों का चयन किया जाता है। इन विद्यालयों को इस प्रकार विकसित किया जाता है कि यह आस-पास के अन्य विद्यालयों के लिये एक उत्कृष्ट उदाहरण का काम कर सकें। योजना में चयनित विद्यालय के समीप वाटिका का विकास, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा, खेलने की सुविधा, लायब्रेरी और लैब इत्यादि की व्यवस्था भी की जा रही है। चयनित विद्यालयों को 'ग्रीन स्कूल' की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। साथ ही विद्यार्थियों को डिजीटल लायब्रेरी, आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लासेस आदि सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।