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रायपुर

लोक सेवा आयोग के जरिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में नियुक्त किए गए 50 जूनियर डॉक्टरों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है. एनएमसी के नियम विपरीत होने के कारण इन पदों को सरेंडर करने के लिए पत्र लिखा गया है.
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के डीन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है. जिसमें बताया गया कि एनएमसी के अनुसार, भर्ती पोस्ट ग्रेजुएट की होनी थी, लेकिन अंडर ग्रेजुएट की मेडिकल शिक्षा विभाग द्वारा नियम विरुद्ध भर्ती की गई है.

कांग्रेस शासनकाल में हुई इन नियुक्तियों पर पत्र के अनुसार फैसला लेने से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था चरमरा जाएगा. इसका असर केवल छात्रों की पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि उपचार के लिए आने वाले मरीजों पर भी पड़ेगा.