Saturday, January 24, 2026
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Madhya Pradesh

दमोह जिले की रेंज के 22 कर्मचारी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से अटैच, अलग से बनाई जा रहीं तीन रेंज

दमोह

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दमोह जिले का 58 हजार एकड़ जंगल हैंडओवर होने के बाद अब दमोह जिले के सामान्य वन क्षेत्र से 22 कर्मचारियों को भी टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया गया है। सभी कर्मचारियों को नए बफर क्षेत्र में नियुक्त किया गया है। इन कर्मचारियों के लिए टाइगर रिजर्व में अब तीन नई रेंज भी बनाई जा रही हैं, जिनके अधीन ये कर्मचारी कार्यरत रहेंगे और अन्य कर्मचारियों की भी शीघ्र नियुक्ति होगी।

इनकी हुई पदस्थापना
दमोह जिले के वन विभाग से जिन 22 वनकर्मियों को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व भेजा गया है, उनमें विकास जाटव शामिल हैं। वे पूर्व में सिग्रामपुर रेंज में पदस्थ थे, अब उन्हें बीट देवतरा (आंतरिक प्रभार बीट इमलिया, गेम परिक्षेत्र सिग्रामपुर) में पदस्थ किया गया है। इसी तरह राजेंद्र चनपुरिया, जो पूर्व में बीट गार्ड माला मानगढ़ में पदस्थ थे (जो बीट अब टाइगर रिजर्व में चली गई है), उन्हें सिग्रामपुर की बफर रेंज में नियुक्त किया गया है। देवेंद्र बुंदेला, जो पूर्व में भिनैनी में पदस्थ थे, अब सिग्रामपुर की बफर जोन रेंज में नियुक्त किए गए हैं।

इसी तरह संदीप राज, कल्याण सिंह, गबरेंद्र सिंह, जबरेंद्र सिंह, रामसुफल बैगा, हरीश तेकाम, महेश यादव, अजित तिवारी, अंकिता कच्छवाहा, बृजेश राठौर, शुभम गौर, ध्रुव सिंह, कृपाल सिंह, आकांक्षा विश्वकर्मा सहित अन्य को भी सामान्य वनमंडल क्षेत्र से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अंतर्गत स्थानांतरित किया गया है। इन सभी कर्मचारियों को जिले में ही नई पदस्थापना मिली है, लेकिन अब ये सभी कर्मचारी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नाम से पहचाने जाएंगे।

तीन नई रेंज बनेंगी
पूर्व में यह सुनने में आ रहा था कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दमोह जिले की झलोन रेंज शामिल हो रही है, लेकिन झलोन रेंज दमोह में ही रहेगी। वीरांगना टाइगर रिजर्व के लिए जो दमोह जिले का 58 हजार एकड़ जंगल दिया गया है, वह बफर जोन के नाम से जाना जाएगा, और इस क्षेत्र की निगरानी के लिए दमोह जिले में तीन नई रेंज बनाई जा रही हैं। इनमें से तीनों रेंज जबेरा विधानसभा क्षेत्र में होंगी—दो तेंदूखेड़ा ब्लॉक में और एक जबेरा ब्लॉक में। रेंजों के चालू होने के बाद नए रेंजरों की भी पदस्थापना होगी। ये सभी कर्मचारी और नए कर्मचारी उन्हीं रेंजों के अधीन कार्य करेंगे।

अतिक्रमण पर रोक और अवैध कटाई पर लगेगा अंकुश
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का बफर जोन क्षेत्र बनने से कई लाभ होंगे। अवैध अतिक्रमण पर रोक लगेगी और अवैध कटाई पर निगरानी होने से उस पर भी अंकुश लगेगा। वन्य प्राणियों के लिए नए आश्रय स्थल बनेंगे। क्षेत्र का विकास होगा और धीरे-धीरे जंगली जानवरों की संख्या में वृद्धि होगी। उनकी निगरानी के लिए बफर जोन का अमला सक्रिय रहेगा। क्योंकि बफर जोन में टाइगर रिजर्व के नियम ही लागू होंगे। वीरांगना टाइगर रिजर्व के उपवनमंडल अधिकारी प्रतीक दुबे ने बताया कि 22 वन रक्षक दमोह जिले की विभिन्न रेंजों से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को हैंडओवर किए जा चुके हैं। इन सभी को टाइगर रिजर्व के बफर जोन में पदस्थ किया गया है। इसके अलावा तीन नई रेंज झलोन, तेजगढ़ और सिंग्रामपुर में बनाई जा रही हैं और ये सभी कर्मचारी इन्हीं रेंजों के अधीन सेवाएं देंगे।

 

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