मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बस्तर सांसद दीपक बैज और विधायकों के साथ बैठक में डेलिगेशन की मांगे सरकार ने मान ली…

इम्पेक्ट न्यूज. रायपुर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बस्तर संसद दीपक बैज और विधायकों के साथ बैठक शुरू। बस्तर से प्रतिनिधि मंडल में सांसद के साथ विधायक रेखचंद जैन, विक्रम मंडावी, मोहन मरकाम, पूर्व विधायक देवती महेंद्र कर्मा भी मौजूद हैं। बस्तर में कांग्रेस के बड़े आदिवासी नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम भी बैठक में उपस्थित हैं।

बैठक में वन मंत्री मोहम्मद अकबर भी शामिल हैं। आज की बैठक में जो भी निष्कर्ष निकलेगा उससे एनएमडीसी के डिपाजिट-13 के खनन का ठेका लेने वाले अडानी इंटरप्राइजेस की भूमिका तय होगी।

Cm ने मानी deligatition की मांगें-
1 वनों की कटाई पर तुरंत रोक
2 वर्ष 2014 के फर्जी ग्राम सभा के आरोप की जांच कराई जाएगी
3 क्षेत्र में संचालित कार्यो पर तत्काल रोक लगाई जावेगी .
4 राज्य सरकार की ओर से भारत सरकार को पत्र लिख कर जन भावनाओं की जानकारी दी जाएगी।

जारी सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक

दंतेवाड़ा जिले के डिपाजिट 13 के संबंध में सांसद श्री बैज और पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री नेताम के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की

मुख्यमंत्री ने तत्काल वन कटाई पर रोक लगाने, अवैध वन कटाई और फर्जी ग्राम सभा की जांच कराने तथा परियोजना से संबंधित कार्यों पर रोक लगाने के निर्देश दिए…

रायपुर, 11 जून 2019/ छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्राम हिरोली में एन.एम.डी.सी. बैलाडीला लौह अयस्क खान परियोजना दंतेवाड़ा के डिपाजिट 13 के संबंध में आज मंत्रालय में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री दीपक बैज और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम के नेतृत्व में बस्तर से आए प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान बस्तर के अन्य विधायक भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना और कहा कि इस मामलें में राज्य शासन की जो भूमिका है, उसे निभाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य शासन के वन मंत्री मोहम्मद अकबर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल के द्वारा इस क्षेत्र में अवैध रूप से वनों की कटाई की शिकायत की जांच की जाएगी तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इसी तरह प्रभावित क्षेत्र में वन कटाई का कार्य तत्काल रोका जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित क्षेत्र में परियोजना से संबंधित संचालित कार्यो पर भी रोक लगाई जाएगी। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि खदान हस्तानांतरण आदि प्रक्रिया में ‘पंचायत स्तर पर विस्तार का कानून अधिनियम 1996 (पेशा)’ के तहत वर्ष 2014 में कराए गए ग्राम सभा का पालन नहीं किया गया तथा फर्जी रूप से ग्राम सभा आयोजित की गई।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि फर्जी ग्राम सभा के आरोप की जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की मांग पर कहा कि संबंधित विषयों पर भारत सरकार द्वारा पत्राचार किया जाएगा और जनभावना की भी जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया की राज्य शासन अपने क्षेत्राधिकार की कार्रवाई करेगा लेकिन खदान पर आधिपत्य एवं स्वामित्व भारत सरकार के एनएमडीसी का है और उन्हें ही खदान के संबंध में कोई भी निर्णय लेने का अधिकार है। 

प्रतिनिधि मंडल ने इस क्षेत्र के निवासियों द्वारा एनएमडीसी तथा सीएमडीसी द्वारा अडानी इंटरप्राईसेस के माध्यम से माईनिंग कार्य के विरोध की जानकारी दी और यहां के आदिवासियों की जनभावनाओं, स्थितियों और मुद्दों की जानकारी दी।

प्रतिनिधि मंडल ने अपने मांगों पर आधारित एक ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रतिनिधि मंडल के बातों पर तत्काल सकारात्मक पहल करने के लिए धन्यवाद भी दिया।

प्रतिनिधि मंडल में विधायक सर्वश्री मोहन मरकाम, रेखचन्द जैन, विक्रम मंडावी, पूर्व विधायक देवती कर्मा, इंटक के प्रतिनिधि देशमुख सिंग, सर्व आदिवासी समाज के नवल किशोर मंडावी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आरसी खेतान, आरपी मंडल, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी भी उपस्थित थे। 

बैठक का विडियो देखें

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